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अध्ययन नोट्स
RAG (Retrieval-Augmented Generation) पाइपलाइन के मुख्य नोट्स
**I. RAG पाइपलाइन का उद्देश्य:**
- RAG प्रक्रिया में टेक्स्ट चंकिंग (Text Chunking), टेक्स्ट एम्बेडिंग (Text Embeddings) और उच्च-स्तरीय RAG प्रक्रिया को एक साथ जोड़कर संपूर्ण पाइपलाइन को समझना।
**II. प्री-प्रोसेसिंग चरण (Pre-processing Phase):**
- स्टेप 1: टेक्स्ट चंकिंग (Text Chunking):
- स्रोत दस्तावेज़ (Source Document) को छोटे, प्रबंधनीय टेक्स्ट टुकड़ों (Chunks) में विभाजित करना।
- स्टेप 2: एम्बेडिंग जनरेशन (Embedding Generation):
- प्रत्येक टेक्स्ट चंक को एक संख्यात्मक वैक्टर (Vector) में बदलना।
- यह वैक्टर टेक्स्ट के अर्थ (Semantic Meaning) को दर्शाते हैं।
- उदाहरण: एक वैक्टर में यह स्कोर हो सकता है कि टेक्स्ट मेडिकल फील्ड के बारे में कितना है और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के बारे में कितना है।
- स्टेप 3: नॉर्मलाइज़ेशन (Normalization):
- प्रत्येक वैक्टर के परिमाण (Magnitude) को 1. 0 तक स्केल करना।
- यह प्रक्रिया वैक्टर की लंबाई को एक इकाई वृत्त (Unit Circle) पर रखती है।
- स्टेप 4: वेक्टर डेटाबेस में संग्रहण (Vector Database Storage):
- सभी एम्बेडिंग वैक्टर को एक विशेष डेटाबेस में स्टोर करना।
- यह डेटाबेस लंबी संख्यात्मक सूचियों (Vectors) को स्टोर करने, तुलना करने और खोजने के लिए अनुकूलित होता है।
**III. क्वेरी और रिट्रीवल चरण (Query and Retrieval Phase):**
- उपयोगकर्ता क्वेरी (User Query): जब उपयोगकर्ता कोई प्रश्न पूछता है, तो उस प्रश्न को भी उसी एम्बेडिंग मॉडल से वैक्टर में बदला जाता है।
- वेक्टर डेटाबेस सर्च: उपयोगकर्ता के क्वेरी वैक्टर को डेटाबेस में फीड किया जाता है।
- समानता गणना (Similarity Calculation): डेटाबेस संग्रहीत वैक्टर की तुलना क्वेरी वैक्टर से करता है ताकि सबसे निकटतम (सबसे संबंधित) वैक्टर मिल सकें।
**IV. गणितीय अवधारणाएँ (Mathematical Concepts):**
- कोसाइन सिमिलैरिटी (Cosine Similarity):
- यह दो वैक्टर के बीच समानता को मापता है।
- परिणाम -1 और 1 के बीच होता है।
- मान 1 के करीब = अत्यधिक समानता।
- मान -1 के करीब = कोई समानता नहीं।
- कोसाइन डिस्टेंस (Cosine Distance):
- यह कोसाइन सिमिलैरिटी से अलग है।
- यह 1 माइनस कोसाइन सिमिलैरिटी के रूप में गणना किया जाता है।
- मान 0 के करीब = उच्च समानता।
- मान 1 के करीब = कम समानता।
**V. अंतिम चरण (Final Step):**
- प्रॉम्प्ट ऑग्मेंटेशन (Prompt Augmentation):
- डेटाबेस से प्राप्त सबसे प्रासंगिक टेक्स्ट चंक (Chunk) को उपयोगकर्ता के मूल प्रश्न के साथ जोड़ा जाता है।
- इस संयुक्त प्रॉम्प्ट को LLM (जैसे Claude) को भेजा जाता है, जिससे सटीक और संदर्भ-आधारित उत्तर मिलता है।
Takeaways
- RAG प्रक्रिया में स्रोत दस्तावेज़ को छोटे टुकड़ों (Chunks) में विभाजित किया जाता है और प्रत्येक चंक को उसके अर्थ को दर्शाने वाले संख्यात्मक वैक्टर (Embeddings) में बदला जाता है।
- उपयोगकर्ता की क्वेरी को भी वैक्टर में बदला जाता है, और फिर कोसाइन सिमिलैरिटी का उपयोग करके डेटाबेस से सबसे अधिक संबंधित वैक्टर (Chunks) खोजे जाते हैं।
- कोसाइन सिमिलैरिटी दो वैक्टर के बीच समानता मापती है, जहाँ मान 1 के करीब अत्यधिक समानता दर्शाता है।
- अंतिम चरण में, डेटाबेस से प्राप्त प्रासंगिक चंक को उपयोगकर्ता के मूल प्रश्न के साथ जोड़कर (Prompt Augmentation) LLM को भेजा जाता है ताकि सटीक उत्तर मिल सके।
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