प्रॉम्प्ट कैशिंग (Prompt Caching) का मूल विचार क्या है?	यह एक दो-चरण प्रक्रिया है जहाँ प्रारंभिक अनुरोध का काम अस्थायी रूप से कैश में सहेजा जाता है, और बाद के समान अनुरोध उस कैश से काम लोड करते हैं।
कैश में सहेजा गया काम कितने समय तक संग्रहीत रहता है?	यह केवल पाँच मिनट के लिए संग्रहीत होता है।
CLOD में प्रॉम्प्ट कैशिंग को सक्रिय (enable) करने के लिए क्या करना आवश्यक है?	हमें मैन्युअल रूप से किसी संदेश के ब्लॉक के अंदर एक कैश ब्रेकपॉइंट (cache breakpoint) जोड़ना होगा।
कैशिंग का उपयोग कब सबसे अधिक उपयोगी होता है?	जब आप बार-बार CLOD को एक ही सामग्री (content) भेज रहे होते हैं।
`cache control` का उपयोग करने के लिए टेक्स्ट ब्लॉक को किस प्रारूप (format) में लिखना आवश्यक है?	इसे लॉन्ग फॉर्म (long form) में लिखना आवश्यक है, न कि शॉर्ट फॉर्म में।
कैश ब्रेकपॉइंट किस चीज़ को कैश करता है?	यह ब्रेकपॉइंट तक की सभी सामग्री (content) को कैश करता है, जिसमें ब्रेकपॉइंट शामिल है।
कैश ब्रेकपॉइंट कहाँ-कहाँ लगाया जा सकता है?	मैसेज ब्लॉक्स, इमेज ब्लॉक्स, टूल स्कीमा, सिस्टम प्रॉम्प्ट और टूल यूज़ जैसे लगभग किसी भी ब्लॉक पर।
CLOD में टूल, सिस्टम प्रॉम्प्ट और मैसेज किस क्रम में जुड़े होते हैं?	पहले टूल, फिर सिस्टम प्रॉम्प्ट, और अंत में संदेश (Tools -> System Prompt -> Messages)।
कैशिंग के लिए न्यूनतम सामग्री की लंबाई (minimum content length) कितनी होनी चाहिए?	कम से कम 1024 टोकन।
कुल कितने कैश ब्रेकपॉइंट जोड़े जा सकते हैं?	कुल चार तक।
