प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग में "विशिष्ट" (specific) होने का मुख्य उद्देश्य क्या है?	मॉडल को विशिष्ट दिशा देने के लिए दिशानिर्देश (guidelines) या चरण (steps) प्रदान करना।
यदि प्रॉम्प्ट बहुत अस्पष्ट (vague) हो, तो मॉडल के आउटपुट में क्या समस्या आ सकती है?	मॉडल अनंत दिशाओं में जा सकता है और आउटपुट की लंबाई या संरचना में भारी बदलाव कर सकता है।
प्रॉम्प्ट में दिए गए दिशानिर्देशों का पहला प्रकार (Type A) क्या होता है?	यह आउटपुट की वांछित गुणवत्ता या विशेषताओं (attributes) को सूचीबद्ध करता है, जैसे लंबाई या संरचना।
प्रॉम्प्ट में दिए गए दिशानिर्देशों का दूसरा प्रकार (Type B) क्या होता है?	यह मॉडल को अनुसरण करने के लिए वास्तविक चरण (steps) प्रदान करता है, जैसे विचार करना या रूपरेखा बनाना।
Type B दिशानिर्देश (steps) का उपयोग कब करना चाहिए?	जब कोई जटिल समस्या हो और मॉडल को व्यापक दृष्टिकोण या अतिरिक्त विषयों पर विचार करने के लिए मजबूर करना हो।
एक प्रभावी प्रॉम्प्ट में कौन सी दो तकनीकें अक्सर एक साथ उपयोग की जाती हैं?	आउटपुट की विशेषताओं को नियंत्रित करने वाले दिशानिर्देश (Type A) और मॉडल द्वारा उठाए जाने वाले चरणों की सूची (Type B)।
एक साधारण प्रॉम्प्ट को बेहतर बनाने के लिए दिशानिर्देश जोड़ने से क्या लाभ होता है?	यह सुनिश्चित करता है कि आउटपुट एक विशिष्ट प्रकार का हो और वांछित गुणवत्ता प्राप्त हो।
क्या सभी प्रॉम्प्ट में चरणों (steps) की आवश्यकता होती है?	नहीं, लेकिन जटिल समस्याओं के लिए चरणों का उपयोग करना आवश्यक है ताकि मॉडल व्यापक रूप से सोच सके।
